An Unbiased View of nightmare cure
बैड ड्रीम के कई साइकोलॉजिकल कारण हैं, जिसे समझना जरुरी है। इस तरह से सपनो का आपकी नींद पर नकारात्मक असर पड़ता है, यही नहीं यह आपके मानसिक तनाव को भी बढ़ा सकता है।डरावना सपना देखना कोई बीमारी नहीं है, लेकिन जब यह बार-बार हो, दिनभर काम करने की क्षमता कम करे, दिमाग में उसकी यादें बनी रहें या व्यक्ति सोने से ही डरने लगे, तब इसे नाइटमेयर डिसऑर्डर माना जाता है. ऐसे लोगों में अक्सर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी, याददाश्त में कमी और बुरे सपनों का लगातार डर देखने को मिलता है. बच्चों में यह समस्या होने पर माता-पिता की नींद भी प्रभावित होती है.
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स्लीप शेड्यूल बनाएं: हर दिन एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं और सुबह एक ही समय पर जागें, वीकेंड पर भी ऐसा ही करें। इस प्रकार आपको अच्छी और गहरी नींद प्राप्त करने में मदद मिलती है और आपको बुरे सपने नहीं आते।
अगर आपकी नींद का कोई तय समय नहीं है, या आप देर रात भारी खाना खाते हैं तो इसका असर भी सपनों पर पड़ता है। पेट भारी होने से शरीर को आराम नहीं मिल पाता और नींद की गुणवत्ता घट जाती है। more info इसके अलावा, ज्यादा चाय, कॉफी या मीठे पदार्थों का सेवन भी मस्तिष्क को उत्तेजित कर देता है जिससे बुरे सपनों की आशंका बढ़ जाती है।
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तनाव को कम करें: मानसिक शांति के लिए ध्यान, योग, या गहरी सांस लेने की प्रक्रिया अपनाएं। इससे न केवल आपकी नींद में सुधार होगा, बल्कि बुरे सपनों का खतरा भी कम होगा।
प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड का सपने क्यों आते हैं इसे लेकर ऐसा मानना था कि सपने हमारे अवचेतन मन की एक खिड़की की तरह होते हैं और ये हमे उस व्यक्ति के बारे में बताते हैं, जैसे:
यह खौफ का ऐसा मंजर होता है, जिसमें आप अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर छिपते हैं.
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विशेषज्ञों का कहना है पूरी रात सपने क्यों आते हैं इसके लिए किताबों या “सपनों के शब्दकोशों” पर भरोसा न करें, जो एक विशिष्ट सपने की छवि या प्रतीक के लिए एक विशिष्ट अर्थ देते हैं। क्योंकि आपके सपने के पीछे का कारण आपके लिए अनूठा हो सकता है।
इसकी वजह से रात में उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है और उन्हें सोने से भी डर लगने लगता है. यह समस्या हद से ज्यादा होने पर भी लोग डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं और इग्नोर कर देते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो रोज रात में बुरे सपने आना सामान्य बात नहीं है. यह सेहत से जुड़ा संकेत हो सकता है.
कई बार दिन भर नेगेटिव विचार या फिर कई व्यर्थ बातें सोचने की वजह से रात को ऐसा होता है,